Wednesday
19/06/2019
10:34 AM
 
नो l
 हम जो सोचते हैं , वो बन जाते हैं.
 
Welcome Guest | RSSMain | Manoj Rai | Registration | Login
Site menu
Our poll
Rate my site
Total of answers: 3
Statistics

Total online: 1
Guests: 1
Users: 0
Login form
Main » 2012 » January » 03



          सड़क हो या रेल की पटरी या फुटपाथ हो हम सभी ऐसे अनाथ बच्चों को देखते हैं, जिनमें से कुछ तो अपनी मर्जी से घर से भागे होते हैं तो कुछ पारिवारिक कलह की वजह से बाहर रहना पसंद करते हैं तो कुछ भगवान की कोप दृष्टि को भुगत रहे होते हैं. इन बच्चों को हम आ ... Read more »

Views: 266 | Added by: manoj | Date: 03/01/2012 | Comments (0)


सुनने में कुछ अजीब लगेगा, परंतु कड़वा सच है कि बिहार में एक लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों को चपरासी से भी कम वेतन मिलता है। इन शिक्षकों को चपरासी भी ताने देते हैं, उन्हें आंखें दिखाते हैं। सरकारी दफ्तरों में काम करनेवाले चपरासी के वेतन आठ हजार से कम नहीं, परंतु इन शिक्षकों को चार से सात हजार ही मिलते हैं। पंचायत, ग्राम पंचायत, नगर पंचायत व प्रखंड के अनट्रेंड शिक्षकों को 4000, ट्रेंड को 5000 एवं हाईस्कूल के शिक्षकों को 6000 मानदेय के रूप में मिलते हैं। वहीं, प्लस टू के शिक्षकों को 7000 मानदेय, वो भी हर माह नहीं। कभी छह माह तो कभी आठ माह पर। इन शिक्षकों ने जब मानदेय बढ़ाने के लिए धरना-प्रदर्शन शुरू किया तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिन्हें नौकरी करनी है करें, वर्ना दूसरी ढूंढ़ लें। उन्होंने यह भी कहा कि चपरासी सरकारी कर्मचारी हैं। ... Read more »
Views: 226 | Added by: manoj | Date: 03/01/2012 | Comments (0)

Search
Calendar
«  January 2012  »
SuMoTuWeThFrSa
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031
Entries archive
Site friends
  • Create a free website
  • Online Desktop
  • Free Online Games
  • Video Tutorials
  • All HTML Tags
  • Browser Kits
  • Copyright MyCorp © 2019
    Powered by uCoz